Thursday, February 20, 2014

एक क्लिक करें और खुद जानें कैसी रहेगी आपकी मैरिड लाइफ?

FROM DAINIK BHASKAR -

http://religion.bhaskar.com/article/jyts-a-click-and-learn-your-own-married-life-2287231.html


शादी के योग्य होते ही युवाओं के मन में मेरी शादी कब होगी, मेरा लॉइफ पार्टनर कैसा होगा, मेरिड लॉइफ कैसी रहेगी जैसे प्रश्न उठने लगते हैं। जोडिय़ा तो ऊपर वाला बनाता है लेकिन आपका लॉइफ पार्टनर कैसा रहेगा? इसका अंदाजा ज्योतिष से जरुर लगाया जा सकता है। इसीलिए अधिकतर लोग अपनी कुंडली दिखाकर अपनी जिज्ञासा को शांत करते हैं। 

लेकिन रमल ज्योतिष एक ऐसी विधा है जिसमें आप मन ही मन कोई प्रश्र सोचकर और यंत्र के माध्यम से उसका उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा ही एक यंत्र नीचे दिया जा रहा है जिस पर नीचे लिखी विधि से कर्सर को यंत्र के ऊपर रखकर मन ही मन अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े प्रश्र सोचकर उनका उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। 

विधि- अपने इष्ट का ध्यान करें मन ही मन इस मंत्र का जितनी बार हो सके या  108 बार जप करें-

नमो भगवति देवी कूष्माण्डिनि सर्वकार्यप्रसाधिनि सर्वनिमित्तप्रकाशिनि एहि एहि त्वर त्वर वरं देहि लिहि मातंगिनि लिहि सत्यं ब्रूहि ब्रूहि स्वाहा।



मन्त्र जप के बाद अपने प्रश्न का विचार करें और 16 नंबर वाले इस यंत्र के किसी एक नंबर पर कर्सर रख दें। सम्बन्धित प्रश्न का उत्तर प्राप्त करें।



1. लह्यान (खारिज)      2 कब्जुल (दाखिल)     3. कब्जुल (खारिज़)     4. जमात (साबित)



5. फरहा (मुंकलिब)     6. उक़ला (मुंकलिब)    7. अंकीस (दाखिल)      8. हुमरा (साबित)



9. बयाज (साबित)      10 नस्त्रुल (खारिज़)     11. नस्त्रुल (दाखिल)     12.अतवे (खारिज)



13. नकी (मुंकलिब)    14. अवते (दाखिल)     15. इज्जतमा (साबित)  16. तरीक (मुंकलिब)





मैरिड लाइफ कैसी रहेगी


1. लह्यान (खारिज)-जीवनसाथी प्रेम का दिखावा करेगा, वास्तविक प्रेम नहीं।

2. कब्जुल (दाखिल)-जीवनसाथी बहुत प्यार करेगा।

3. कब्जुल (खारिज़)-जीवनसाथी प्रेम का दिखावा करेगा, वास्तविक प्रेम नहीं।

4. जमात (साबित)-परेशानियों एवं दिक्कतों के बाद वैवाहिक सुख मिलेगा।

5. फरहा (मुंकलिब)-मेरिड लाइफ में उतार-चढ़ावपूर्ण आएंगे।

6. उक़ला (मुंकलिब)-मेरिड लाइफ में उतार-चढ़ावपूर्ण आएंगे।

7. अंकीस (दाखिल)-जीवनसाथी बहुत प्यार करेगा।

8. हुमरा (साबित)-विवाह के काफी समय बाद सुख मिलेगा।

9. बयाज (साबित)-विवाह के बहुत समय बाद सुख मिलेगा। 

10. नस्त्रुल (खारिज़)-जीवनसाथी प्रेम का दिखावा करेगा, वास्तविक प्रेम नहीं।

11. नस्त्रुल (दाखिल)-जीवनसाथी बहुत प्यार करेगा।

12. अतवे (खारिज)-जीवनसाथी प्रेम का दिखावा करेगा, वास्तविक प्रेम नहीं।

13. नकी (मुंकलिब)-दाम्पत्य जीवन उतार-चढ़ावपूर्ण होगा।

14. अवते (दाखिल)-जीवनसाथी बहुत प्यार करेगा।

15. इज्जतमा (साबित)-शादी के काफी समय बाद सुख मिलेगा। स्थायित्व है।

16. तरीक (मुंकलिब)-दाम्पत्य जीवन उतार-चढ़ावपूर्ण होगा।

Monday, February 17, 2014

हनुमान जी की पूजा

आलेख साभार-

http://shrinews.com/DetailNews.aspx?NID=12693


हनुमान जी की पूजा करने वाले भक्तों को हर परेशानी से बजरंगबली बचाते हैं. बजरंगबली को लेकर कई आध्यत्मिक प्रयोग भी हैं. कहा जाता है कि इन आध्यत्मिक प्रयोग  से ‍विशेष रूप से धन प्राप्ति के लिए किया जा सकता है. इतना ही नहीं ये प्रयोग हर प्रकार का अनिष्ट भी दूर करते हैं.
 1 - कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें. संकट दूर होगा और धन की प्राप्ति होगी.
 2 - अगर धन लाभ की स्थितियां बन रही हो, लेकिन ‍फिर भी लाभ नहीं मिल रहा हो, तो हनुमान जयंती पर गोपी चंदन की नौ डलियां लेकर केले के वृक्ष पर टांग देनी चाहिए. याद रहे ये चंदन पीले धागे से ही बांधना है.
 3 - एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मौली, अक्षत अर्पित कर पूजन करें. फिर हनुमान जी के मन्दिर में चढ़ा आएं. इससे धन लाभ होगा.


 4 - पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल का दीपक जला दें. फिर वापस घर आ जाएं और पीछे मुड़कर न देखें. इससे आपको धन लाभ के साथ ही हर बिगड़ा काम बन जाएगा.

गुप्त शत्रु से बचाएं हनुमान जी का ये टोटका
जब कोई शख्स तरक्की करता है, तो उसकी तरक्की से जल कर उसके अपने ही उसके शत्रु बन जाते हैं और उसे सहयोग देने की जगह पर वो उसके मार्ग को अवरूद्ध करने लग जाते हैं. ऐसे शत्रुओं से निपटना अत्यधिक कठिन होता है.
-  ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रात:काल सात बार हनुमान बाण का पाठ करें.
-  हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाएं.
-  पांच लौंग पूजा स्थान में देशी कपूर के साथ जलाएं.
-  फिर भस्म से तिलक करके बाहर जाए.
इस प्रयोग से जीवन में समस्त शत्रुओं परास्त होंगे. वहीं इस यंत्र के माध्यम से आप अपनी मनोकामनाओं की भी पूर्ति करने में सक्षम होंगे.
श्री हनुमान जी के चमत्कारी बारह नाम
हनुमान जी के बारह नाम का स्मरण करने से ना सिर्फ उम्र में वृद्धि होती है बल्कि समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होती है. बारह नामों का निरंतर जप करने वाले व्यक्ति की श्री हनुमानजी महाराज दसों दिशाओं और आकाश-पाताल से रक्षा करते हैं.
केसरीनंदन बजरंग बली के 12 चमत्कारी नाम:_

1)- ॐ हनुमान
2)- ॐ अंजनी सुत
3)- ॐ वायु पुत्र
4)- ॐ महाबल
5)- ॐ रामेष्ठ
6)- ॐ फाल्गुण सखा
7)- ॐ पिंगाक्ष
8)- ॐ अमित विक्रम
9)- ॐ उदधिक्रमण
10)- ॐ सीता शोक विनाशन
11)- ॐ लक्ष्मण प्राण दाता
12)- ॐ दशग्रीव दर्पहा
नाम की अलौकिक महिमा
- प्रात: काल सो कर उठते ही जिस अवस्था में भी हो बारह नामों को 11 बार लेनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है.
- नित्य नियम के समय नाम लेने से इष्ट की प्राप्ति होती है.
- दोपहर में नाम लेने वाला व्यक्ति धनवान होता है. दोपहर संध्या के समय नाम लेने वाला व्यक्ति पारिवारिक सुखों से तृप्त होता है.
- रात्रि को सोते समय नाम लेने वाले व्यक्ति की शत्रु से जीत होती है.
- उपरोक्त समय के अतिरिक्त इन बारह नामों का निरंतर जप करने वाले व्यक्ति की श्री हनुमानजी महाराज दसों दिशाओं और आकाश पाताल से रक्षा करते हैं.
हनुमान जी का मंत्र
श्री हनुमंते नम:अतुलित बलधामं, हेमशैलाभदेहं।
दनुजवनकृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्।सकलगुण निधानं, वानराणामधीशं।
रघुपतिप्रिय भक्तं, वातजातं नमामि।।


Friday, February 14, 2014

Significance of Magh Purnima 2014 -

from - 
www.onlineprasad.com


According to Brahma Vaivarta Purana, Lord Vishnu resides in the water on Ganges on this day. Hence, it is believed that even touching the holy water of Ganges on this day provides salvation. Magh Purnima provides a person with success, peace of mind and salvation. It  is one of the most also beneficial day for holistic bath in river Ganga, Yamuna and Saraswati. Makes you free from all kinds of sins and problem. It also provides peace of mind and purity. Charity on Magha purnima gives a remarkable significance and also gives the fruitful bliss. 

You should observe fast. Wake up early and take bath in a nearby river before sunrise. If taking bath in a river is not possible add some amount of Gangajal in water while bath and chant maa Ganga name. Worship Lord Vishnu, hanumanji and Lord Satyanarayan. Donate food, clothes, jaggery, ghee, laddoo, fruits, cereals etc.. Taking part in Puja, charities and yagyas organized on this day are considered to be very important. Donating sesame seeds is considered to be very important during this month. At many places and temples Lord Satyanarayana’s katha is organized. You should try to listen this katha or take part in organising it. Ancestor rituals i.e offering tarpan is also performed on this day. In evening offer ardhy to Moon. - 

Mantra while offering ardhya to Moon
वसंतबान्धव विभो शीतांशो स्वस्ति न: कुरु।
गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।।


http://blog.onlineprasad.com/magh-purnima-2014-puja-vidhi-and-mantra/?utm_source=OnlinePrasad+Sign-ups&utm_campaign=e1659fc9d4-140210_Jaya_Ekadashi&utm_medium=email&utm_term=0_27bd47a9ee-e1659fc9d4-65896581

Friday, January 31, 2014

माघ मास की गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ

AN ARTICLE FROM - www.bhaskar.com

31 जनवरी 2014, शुक्रवार से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है, इसका समापन 8 फरवरी, शनिवार को होगा। गुप्त नवरात्रि में हर दिन देवी के विभिन्न रूप की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में विविध प्रकार की पूजा से माता को प्रसन्न किया जाता है। गुप्त नवरात्रि में देवी को विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। 
शास्त्रों के अनुसार प्रतिपदा से लेकर नौ तिथियों में देवी को विशिष्ट भोग अर्पित करने तथा ये ही भोग गरीबों को दान करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं व साधक को धन की कभी कमी नहीं होती। यदि आप भी इस मौके का लाभ उठाना चाहते हैं तो आगे की स्लाइड्स पर क्लिक कीजिए और जानिए गुप्त नवरात्रि में किस तिथि पर देवी मां को किस चीज का भोग लगाएं। 

प्रतिपदा (31 जनवरी, शुक्रवार) को माता को घी का भोग लगाएं तथा उसका दान करें। इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा वह निरोगी होता है।
- द्वितीया (1 फरवरी, शनिवार) को माता को शक्कर काभोग लगाएं तथा उसका दान करें। इससे साधक को दीर्घायु प्राप्त होती है।
- तृतीया (2 फरवरी, रविवार) को माता को दूध चढ़ाएं तथा इसका दान करें। ऐसा करने से सभी प्रकार के दु:खों से मुक्ति मिलती है।

चतुर्थी(3 फरवरी, सोमवार) को मालपूआ चढ़ाकर दान करें। इससे सभी प्रकार की समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाती हैं।
- पंचमी तिथि (4 फरवरी, मंगलवार) को माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं  व गरीबों को केले का दान करें। इससे आपके परिवार में सुख-शांति रहेगी। 
- षष्ठी तिथि (5 फरवरी, बुधवार) के दिन माता दुर्गा को शहद का भोग लगाएं व इसका दान भी करें। इस उपाय से गरीब भी मालामाल हो जाता है।



 सप्तमी (6 फरवरी, गुरुवार) को माता को गुड़ की वस्तुओं का भोग लगाएं तथा दान भी करें। इससे दरिद्रता का नाश होता है।
- अष्टमी (7 फरवरी, शुक्रवार) को नारियल का भोग लगाएं तथा नारियल का दान भी करें। इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- नवमी (8 फरवरी, शनिवार) को माता को विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाएं व यथाशक्ति गरीबों में दान करें। इससे लोक-परलोक में आनंद व वैभव मिलता है।



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Monday, January 13, 2014

14th January - 2014- Makar Sankranti

http://onlineprasad.com/products/prasad-shani-shingnapur-tailabhishekam

AN ARTICLE FROM - 

www.onlineprasad.com




Makar Sankranti is dedicated to worship of Surya Dev - Father of lord Shani. This day marks the “holy phase of transition”. Sun changes its celestial path and enters into the Makar Rashi from Dhanu Rashi.


Hence paying homage to Shani dev on this day is considered highly auspicious.


Makar Sankranti is a symbol of 
  • Spiritual enlightenment, 
  • Peace, prosperity and happiness.
  • It is a day to perform Charity. And we all know that charity please Lord Shani.

Significance of Pious day of Makar Sankranti
Bonding Between Father and Son 

Surya visits the house of his son Saturn (the lord of Makar rashi or Capricorn) for a month on this day. Therefore this day also enhance the importance of the special bonding between the father and the son.

End of Negativity

On this very day, Lord Vishnu put an end to the increasing terror of the demons by demolishing them and burying their heads under the Mandara Parvata. Therefore Makar Sankaranti also represents the end of ‘negativity’ and beginning of an era of righteous living.